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SONIA YADAV

Romance


5.0  

SONIA YADAV

Romance


एक लव स्टोरी

एक लव स्टोरी

6 mins 641 6 mins 641

आज मैं बहुत nervous हूँ। office में एक new project है जो मैंने lead किया है। आज एक new boss आएँगे जो इस project को finalize करेंगे। पता नहीं मेरा काम उन्हें पसंद आएगा या नहीं ? करीब 10 बजे मीटिंग start होनी थी पर boss 10:30 बजे तक आये। साथ मे उनका assistent भी था। थोड़ी देर में meeting भी start हो गयी। sir बहुत ही serious हो के मेरी दी हुई फ़ाइल पढ़ रहे थे। गुस्से में भी थे। इसलिए मुझे लगा भी था कि कही किसी और का गुस्सा मुझ पर न निकल जाए। हुआ भी ऐसा ही।

पूरी फ़ाइल देखे बिना ही बोल दिया

what rubbish is this ?

और फ़ाइल पटक कर बोले

don't u know how to work ?

get out

इससे पहले मैं अपनी गलती पूछती या सफाई देती उनका assistent अनिल बोला please ma'am और मुझे बाहर जाने को कहा। गुस्से में मैं भी चली गयी अपने केबिन में ,

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि आखिर मेरी गलती कहा थी atleast मुझे पता तो चले। मैं अपने मे ही बड़बड़ाए जा रही थी कि उतने में अनिल आ गया। मैंने उसे भी खरी खोटी सुना दी कि मुझे पता तो चलना चाहिए कि मेरी इतनी मेहनत के बाद भी क्या कमी रह गयी थी। वो चुप चाप मेरी बकवास सुनता रहा।जब मुझे एहसास हुआ कि मैं बे मतलब इसे सुना रही हु तो मैं चुप हो गयी। अनिल ने बहुत ही सहेजता से मुझे सब समझाया की बॉस कैसा है , किसी का गुस्सा किसी पर निकाल देता है और आज तो उसका mood बहुत खराब था जिस वजह से वो लोग late भी हो गए थे। उसने कहा सिर्फ एक महीने की ही तो बात है उसके बाद फिर से पुराने बॉस आ जायेगे। तब तक हम दोनों को थोड़ा झेल लीजियेगा।

उसने इतने अराम से मुझे समझाया और मैंने उसे फालतू ही इतना कुछ सुना दिया। जिसके लिए मैं बहुत शर्मिंदा थी। पर मेरे सॉरी बोलने से पहले ही वो चला गया था।

अगले दिन से मेरी आँखें office में बस उसे ही ढूंढती। मैंने नोटिस किया कि वो आफिस में सबकी problem solve करने की कोशिश करता। ये खडूस boss जिसको भी डांटता अनिल हमेशा उसका मूड अच्छा करने की कोशिश करता। पर मुझसे बात नहीं कर रहा था। शायद उसदिन मैंने उसे कुछ ज्यादा ही सुना दिया। मैं जब भी उससे बात करना चाहती वो कोई न कोई बहाना बना कर चला जाता।

आज शाम office की एक पार्टी थी। सभी पार्टी में आये थे, अनिल भी। आज वो बहुत cute लग रहा था। उसकी आँखे बहुत अच्छी थी। i think i like him . उसका helping nature मुझे अच्छा लगता था। पर ये बात मैं उससे नहीं कह सकती थी।

anyways पार्टी बहुत ही boring थी as usual office parties types। इसलिए मैं बाहर lawn में आ गयी। अनिल वही एक बैंच पर बैठा था। अभी hi- hello भी ठीक से नहीं हुई थी कि गलती से उसके कपड़ो पर cold drink गिर गयी। इसलिए वो उसे क्लीन करने चला गया। पता नहीं क्यो जब भी मैं उससे मिलती वो बहुत शांत हो जाता। बाकियों के साथ तो बहुत हस्ता खेलता है।

कुछ दिन बाद ऑफिस में सब बात कर रहे थे कि कुछ ही दिनों में अनिल बॉस के साथ head office चला जायेगा इसलिए उसको एक छोटा सा फेयरवेल देना चाहिए। क्योंकि वह सब की बहुत मदद करता था सबको उससे अटैचमेंट हो गया था। ये सुनते ही मैं बहूत बेचैन हो गयी थी कि कहि ऐसा न हो कि वो चला भी जाए और मैं उसे अपने दिल की बात भी न कहे सकू।

कितना कुशकिल होता है ना किसी को अपनी feelings बताना।

हम नफरतो की बाते तो खुले दिल से कर लेते है

पर महोब्बतें बया नहीं कर पाते।

लोगो की नफरतें आंखों में, होठों पर साफ दिखती है।

पर महोब्बतें दिल में ही रह जाती है

मैंने सोचा लिया था आज कुछ भी हो जाए आज मैं अनिल को अपने दिल की बात बता दूंगी फिर आगे कुछ भी हो उससे मुझे फर्क नहींं पड़ता। शायद कुदरत भी यही चाहती थी इसलिए शाम को जब मैं ऑफिस से निकल रही थी अचानक बारिश होने लगी बारिश का मौसम भी नहींं था इतने में अनिल अा गया उसने मुझे कहा मैं तुम्हें ड्रॉप कर देता हूं बारिश बहुत ज़्यादा थी इसलिए कोई ऑटो भी नहींं मिल रहा था। फिर मैंने भी उसे हां कह दी। जैसे ही अनिल ने मुझे ड्रॉप किया मैंने उसे कहा कि मुझे तुमसे कुछ कहना है उसने कहा कल ऑफिस में बात करते हैं मैंने कहा नहींं बात बहुत जरूरी है और मुझे आज ही करनी है। नहीं तो बहुत देर न हो।वह खड़ा हो गया पर मुझे समझ नहीं आ रहा था कि कैसे कहु इतने पर अनिल बोला

 इशारे नहीं समझते हम

लफ्जों का इस्तेमाल कीजिये

इश्क नहीं हुआ है आपको

इसलिए होठो से सवाल कीजिये

इतने में मेरे मुंह से अचानक निकल गया

अनिल l like u and i really do पता नहींं कैसे और कब मुझे तुम अच्छे लगने लगे। मैं तुमसे कब से यह बात कहना चाहती थी लेकिन कभी कह ना सकी और ना ही कभी मौका मिला लेकिन अब तुम जाने वाले हो तो मैं खुद को रोक न सकी। वो चुपचाप मेरी बातें सुन रहा था थोड़ा रुक कर मैंने कहा अगर मैं तुम्हें नहींं पसंद तो its ok मैं तुम्हें फोर्स नहींं करूंगी कि तुम भी लाइक करो।मुझे अपने दिल की बात कहनी थी सो कहे दी ।अब तुम चाहो तो जा सकते हो। मैंने यह expect नहीं किया था जो उसने बोला।

l like u too 

लाइक ! लाइक तो बहुत छोटा शब्द है i love u मैं बिल्कुल shocked थी। ये कब हुआ। अनिल ने बताया कि जब मैंने तुम्हें पहले बार देखा था मुझे तुम तभी पसंद आ गई थी लेकिन शायद टाइम सही नहींं था क्योंकि उस समय तुम्हारा गुस्सा बहुत high था तुम्हें शांत कराने के चक्कर में मैंने तुम्हें बॉस के केबिन से बाहर जाने को कहा और बाद में तुम्हें समझाने भी तुम्हारे केबिन में आया पर तुम बहुत गुस्से में थी फिर मुझे लगा हमारा कुछ नहींं बन सकता।

लेकिन वो कहते हैं ना प्यार हो गया तो हो गया। तुम जब भी मेरे सामने आती मेरी दिल की धड़कन जोर जोर से धड़कने लगती मुझे समझ नहींं आता मैं क्या बोल रहा हूं , क्या कर रहा हूं। सब कुछ उल्टा पुल्टा हो जाता था।मुझे लगता , शायद तुम मुझे गलत ना समझो और फिर मुझे सुना ना दो इसलिए मैंने तुम्हें कभी बताया नहींं। मैं हमेशा तुम्हें देखता था मुझे मालूम है तुम भी मुझे देखती थी पर मैंने फिर भी कहना सही नहींं सोचा, कि कहीं कुछ गलत ना हो जाए उस दिन जब पार्टी में बाहर लॉन में तुम मेरे सामने आकर बैठ गई तो फिर मेरी धड़कन तेज हो गई। मैं तुमसे बात करना चाहता था लेकिन नर्वर्सनैस में मेरे शर्ट पर कोल्ड ड्रिंक गिर गयी। इसलिए मुझे जाना पड़ा।

मैंने देखा है जब तुम काम करती हो तो अपने कान के सामने वाली इस बेपरवाह लट को अपने हाथों से घूमाती हो और तब तुम बेहद खूबसूरत लगती हो और जब तुम काम करके थक जाती हो तो रिलैक्स होने के लिए कानों में हेडफोन लगाकर अपनी उंगलियों को कॉफी के मग के किनारों पर फेरती हो तब भी तुम बेहद खूबसूरत लगती हो। ऐसी बहुत सी चीजें हैं जो तुम करती हो और बेहद खूबसूरती से करती हो पर शायद तुम्हें पता नहींं कि मैं तुम्हें हर वक्त निहारता रहता हूं।

वो बात अलग है कि जब तुम मुझे देखती हो तुम्हें मैं कुछ उटपटांग ही करता दिखता हूं क्योंकि एकदम से घबरा जा जाता हूं।

इतनी सारी बातें सुनकर मुझे तो अपने कानों पर विश्वास ही नहींं हो रहा था। जो मेरे दिल में था वही अनिल के भी। मैं बहुत ही खुश थी मानो मुझे सब मिल गया।अनिल के जाने के बाद भी सारी रात मैं उसके बारे में ही सोचती रही। कुछ दिनों में उसका फेयरवेल हो गया और वह हेड ऑफिस चला गया तब से अब तक हमारी बातें फोन पर ही होती है।

अनिल बहुत अच्छा है।

l love him

बस इतनी सी ही है मेरी love story.


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