बेहतरीन गुरु जय देवी जी
बेहतरीन गुरु जय देवी जी
मेरी रचना मेरी गुरु पूजनीय जया देवी को समर्पित
जब पहली बार क्लास में आए तो सब लड़कियां लड़कियां हल्ला मचाने लगी।जैसा कि कॉलेज में होता है नए-नए टीचर आते हैं उनको तंग करने का प्लान सब कर लेते हैं। और पहले से तैयारी करके रखते ,कि कैसे उनका स्वागत करेंगे ।क्या शैतानी करेंगे ।मगर कभी-कभी किसी की पर्सनैलिटी ऐसी होती है कि, आप एकदम से उनसे इंप्रेस हो जाते हैं। ऐसा ही जया देवी जी क्लास में आए ,सारी की सारी लड़कियां जो चिल्ला रही थी। एकदम चुप हो गई ।और सब खड़े होकर गुड मॉर्निंग मैम बोलने लगी। और एक दम शांत बच्चों के जैसे बैठ गए। उनका इंप्रेशन इतना अच्छा था ।और जैसे-जैसे हम लोगों को उनके साथ रहने का और पढ़ने का मौका मिला सब लोग उनसे काफी इंप्रेस होते गए। उनका पढ़ाने का तरीका बहुत ही अनोखा था।हमेशा वह बोलती थी अगर तुम अपनी पढ़ाई को सौ परसेंट दोगी। तभी तुमको तुम्हारी मेहनत का फल सौ परसेंट मिलेगा ।अगर देश में सब पढ़ेंगे तभी साक्षरता आएगी। इसलिए जब तक पढ़ो ,अच्छी तरह पढ़ो।और ध्यान लगाकर पढ़ो ।और पूरा समय कितना पढ़ते हो ,उसका सौ परसेंट देओ उस पढ़ाई का।
वह बोलती थी अगर एक लड़की घर में पढ़ी-लिखी आती है तो वह पूरे परिवार को शिक्षित कर देती है इसीलिए सही शिक्षा जरूरी है ।उनके आने से पहले मुझे जूलॉजी में ज्यादा इंटरेस्ट नहीं था।मगर उन्होंने इतना स्टाइल से पढ़ाया कि मेरी आगे उसी सब्जेक्ट में एम एस सी करने की इच्छा भी हो गई थी ।
उनकी एक इच्छा थी कि हमारा पहला बैच था कॉलेज में तो, हमारा बैच हंड्रेड परसेंट रिजल्ट लेकर आए। मतलब सब पास हो ।
और उनकी मेहनत करवाने का और पढ़ाई के प्रति सबका रुझान बढ़ाने का तरीका, और सब स्टूडेंट्स को अपना बच्चा समझने का जज्बा, और समझाने का ढंग, उस साल हमारे पूरी क्लास का रिजल्ट हंड्रेड परसेंट था। वह इतनी खुश थी उन्होंने हमको अपने घर पर पार्टी भी दी थी। वह मुझे आज भी याद है।
जया देवी जी को मैं कभी भी नहीं भूल सकती हूं । इतनी अच्छी टीचर गुरु हमको दी ।
कहते हैं ना
गुरु गोविंद के दोनों खड़े काके लागू पाय।
बलिहारी गुरु आपणी, गोविंद दियो बताय।
मतलब हमारे जीवन में गुरु का स्थान बहुत ही ऊंचा होता है ।और ऐसा ही उनके लिए था।और अभी भी कुल मिलाकर उन्होंने खाली पढ़ाई में ही नहीं, हमारी जिंदगी में भी हमारा घडतर कर दिया ।जोकि मेरे तो जिंदगी में भी बहुत काम लगा मैंने उनके सभी समझाए हुए रूल्स फॉलो करें हैं। जिंदगी में और सफल भी हुई हूं । मेरी ऐसी गुरु श्रीमती जया देवी जी और सभी गुरु के चरणो में सादर वंदन
