STORYMIRROR

Kahaniyon Ki Duniyaa

Inspirational

4  

Kahaniyon Ki Duniyaa

Inspirational

आवाज़ उठाना जरूरी है

आवाज़ उठाना जरूरी है

4 mins
0


​यह एक ऐसी कहानी है जिसमें दिखाया गया है कि कैसे एक मामूली लड़की ने सिर्फ कम उम्र में ही अपने साथ हो रहे गलत काम के खिलाफ आवाज उठाई और बाकी लड़कियों को अपने साथ हो रहे गलत काम के लिए आवाज उठाना सिखाया। यह कहानी आज की कड़वी सच्चाई के ऊपर उन लड़कियों के लिए है जो अपने खिलाफ आवाज नहीं उठा पातीं और जिनके साथ 15-16 साल की उम्र में गलत काम हो रहे हैं, लेकिन दुनियादारी और अपनों के डर से वे चुपचाप सहती रहती हैं और डरकर चुप रहती हैं।


​तो आइए जानते हैं कि कैसे एक लड़की ने अपने खिलाफ गलत काम होने पर आवाज उठाई और सिखते है एक नई सिख बिना डरे मनोरंजन के साथ।


पड़ते रहिए, जुड़ते रहिए।


​एक लड़की थी जिसका नाम सेनाफी था। वह मात्र 15 साल की थी। वह एक बहुत ही अच्छी लड़की थी। उसकी पढ़ाई के लिए उसके माँ-बाप उसे कानपुर में छोड़कर आ गए थे। वह कानपुर के 'दिल्ली पब्लिक स्कूल' (DPS) में पढ़ती थी। वह पढ़ने में बहुत होशियार थी और मन लगाकर पढ़ाई करती थी। 2-4 महीनों के भीतर ही उसने सबका दिल जीत लिया और उसे स्कूल में कई अवॉर्ड भी मिले।


​लेकिन कहते हैं कि दूसरों की खुशी किसी से देखी नहीं जाती, ऐसा ही यहाँ इस कहानी में हुआ। लड़की के सगे चाचा, जिनकी अपनी कोई संतान नहीं थी, उन्हें अपने भाई की खुशी यानी से सेनाफी की खुशी और पिता का प्यार देखा नहीं जा रहा था। इसलिए उन्होंने धोखे से अपने भाई यानी लड़की के पिता को एक दिन पार्टी के बहाने घर बुलाया। सेनाफी के पूरे परिवार घर पहुंचे।


​घर पहुँचकर वे पार्टी करते हैं, फिर मौका देखकर लड़की के चाचा जूस में जहर मिला देते और कुछ देर बाद उसके माँ-बाप और बहन मर जाते हैं। बेचारी उस लड़की को नहीं पता था कि उसके सगे चाचा ने ही उसके माँ-बाप और बहन को मार डाला था। विनायकी अपने माँ-बाप की एक इकलौती बेटी थी और बहुत खूबसूरत थी।


​उसके चाचा ने उसकी मजबूरी का फायदा उठाया और लड़की के साथ बुरा काम (बलात्कार) किया और चुपके से उसका वीडियो बना लिया। फिर वे उसे ब्लैकमेल भी करने लगे। वीडियो वायरल करने की धमकी देकर वे लड़की से फिर गलत काम करवाने लगे। लड़की को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह क्या करे। वह अपने चाचा के साथ गलत काम किया करती थी।


​वह उनकी छोटी-छोटी बातों को मानती थी। वह वीडियो की बात सोचकर डर जाती थी, जिसका फायदा उसके चाचा उठा रहें थें। 


सेनाफी पढ़ाई में मन नही लगा पा रही थी और ना ही वह कुछ कर पा रही थी। उसकी टीचर ने सोचा कि इतनी अच्छी बच्ची अचानक पढ़ाई में नीचे कैसे गिर गई और इतनी कमजोर क्यों होती जा रही है। उन्होंने सोचा कि लड़की से पूछने पर वह कुछ नहीं बताएगी क्योंकि यह उसके घर की बात है। लेकिन फिर टीचर ने स्कूल की छुटी पर लड़की का पीछा किया और फिर लड़की के घर पहुँचकर चाचा के गलत कामों को खुद अपनी आँखों से देखा।


 टीचर ने कहा कि सेनाफी बहुत अच्छी है और उसका स्वभाव भी अच्छा है। उस पक्का ब्लेक मेल किया जा रहा होगा। अगले दिन उन्होंने लड़की को सच बताया कि उन्हें सब पना चल गया। उन्होंने लड़की पर पूरा भरोसा जताया और उसे बिना डरे सच बोलने को कहा।


​पहले तो वह चुप रही, फिर टीचर ने उसे हिम्मत दी और उसने सब सच बता दिया। टीचर ने उस लड़की को हिम्मत दी और दूसरों को बताने के लिए कहा— "डरो मत, मैं तुम्हारे साथ हूँ।" लड़की ने अपनी टीचर पर विश्वास किया और उनकी बात मानी। यह बात पुलिस और मीडिया तक पहुँची। फिर पुलिस आई और चाचा को गिरफ्तार करके उम्रकैद की सजा दी गई।


​उस टीचर ने अपनी शिक्षा की परवाह न करते हुए लड़की का साथ दिया। उन्होंने लड़की पर भरोसा किया कि वह यह सब नहीं कर सकती। उन्होंने समाज को एक सबक सिखाया कि सोशल मीडिया पर अपनी आवाज उठाएँ। 


इस कहानी ने हमें यह सिखाया कि कैसे हम अपनी आवाज उठाकर बुराई से बच सकते हैं। चाहे वह कोई अपना ही क्यों न हो, हमें गलत के खिलाफ चुप नहीं रहना चाहिए। कैसे एक टीचर ने वापस उस लड़की की जिंदगी में खुशियाँ भर दीं।


​अक्सर असल जिंदगी में भी ऐसा ही होता है, जहाँ बहुत सी लड़कियाँ अपने खिलाफ आवाज नहीं उठातीं और डरकर चुप रहती हैं। जिनका लोग फयादा उठाते हैं। चाहे अपने हो या कोई ओर हमे अपने खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और ब्लैंक मेल से बचना चाहिए।  

  

                     लेखक — न्यूसन साहू


Rate this content
Log in

Similar hindi story from Inspirational