STORYMIRROR

Pratyush Gautam

Abstract Classics Inspirational

4  

Pratyush Gautam

Abstract Classics Inspirational

ज़िन्दगी

ज़िन्दगी

1 min
327

महाभारत सी जब उलझ जाए जिंदगी,

कुरूक्षेत्र सा हो जब ये जीवन पथ


तब याद कर उस अकेला अचंभित अर्जुन को,

जिसे समझाया था श्री कृष्ण ने जीवन का मर्म !


उसी उपदेश को कृष्णद्वैपायन महर्षि ने,

संजोया है श्रीमद्भागवत गीता में


जो आज भी है अमृत रुपी ज्ञान का सागर,

तुम्हारे हर समस्या का समाधान

जिसमें बताया गया है कर्म को ही प्रधान !


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract