STORYMIRROR

Gurudeen Verma

Abstract

4  

Gurudeen Verma

Abstract

यह मेरी रूह की आवाज है

यह मेरी रूह की आवाज है

1 min
283

यह मेरी रूह की आवाज है,

यह मेरा सुनहरा ख्वाब है,

यह मेरी अंतिम इच्छा है,

कि मेरी मृत्यु के पश्चात,

यदि ईश्वर देना चाहे मुझको पुनर्जन्म,


मेरी ईश्वर से यही विनती है,

कि मेरा पुनर्जन्म हिंद में हो,

हिंदुस्तान को छोड़कर मैं, 

कहीं भी नहीं लेना चाहता पुनर्जन्म,


मुझको मालूम है दुनिया का चेहरा,

अमेरिका, चीन, जापान और 

इंग्लैंड की इंसानियत और प्रीत,

पाकिस्तान, अरब और ईरान की,


धर्मांधता और परम्पराओं से मैं,

वाकिफ हूँ अच्छी तरह से ,

और मैं नहीं बसना चाहता,

इनमें से किसी भी जमीं पर,

हॉं , मुझको बहुत गर्व है सच में,

एक हिंदुस्तानी होने पर,


और नमन करता हूँ मैं हमेशा,

इसके प्यार, भाईचारे और प्रेम को,

गीता, कुरान,वेद , गुरुग्रंथ साहिब को,

कितना विस्तृत है इसका हृदय सच में,

नहीं होना चाहता इससे जुदा मैं कभी,


मेरा भारत महान है सच में,

यह मेरी रूह की आवाज है।।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract