Swati Sharma
Romance
तू कुछ यूं छोड़ गया,
इन राहों में मुझको यूं अकेला
जैसे तेरा कोई हक नहीं था।
तू भूल गया उन परिंदो को,
जिनके आशियाने की तू शान था।
अब मिले किसी जन्म में दोबारा,
तो यूं मुहँ मोड़कर मत चले जाना।
अगली बार जिन्दगी भर साथ निभाना।
भाई बहन का प्...
आवाज़
खालीपन
ख़्वाहिश
उम्र की तलाश
विश्वास
उड़ान
जिन्दगी
हम भी इन्सान ...
दोस्ती
पर जो तुम्हें कह दूं अपना , इतना मुझे अधिकार नहीं है पर जो तुम्हें कह दूं अपना , इतना मुझे अधिकार नहीं है
रूठ जाने की कभी हमसे बात मत करना टूट जाने की कभी हमसे बात मत करना। रूठ जाने की कभी हमसे बात मत करना टूट जाने की कभी हमसे बात मत करना।
नादान सा दिल रुकता नहीं , किसी भी मोड़ पर ..... नादान सा दिल रुकता नहीं , किसी भी मोड़ पर .....
दुनिया घूम सकती है, समय डोल सकता है, फिर भी वैलेंटाइन डे पर प्यार कायम रहता है. दुनिया घूम सकती है, समय डोल सकता है, फिर भी वैलेंटाइन डे पर प्यार कायम रहता ह...
क्या तुमने कभी मेरे घर को भी उतना अपनाया है। । क्या तुमने कभी मेरे घर को भी उतना अपनाया है। ।
यह ढाई अक्षर की आवली वैसी नहीं जो निकलती है सड़क किनारे लगे भण्डारे की दुकान से। यह ढाई अक्षर की आवली वैसी नहीं जो निकलती है सड़क किनारे लगे भण्डारे की दुकान स...
रात की चाँदनी में छुपी "मोहब्बते", सपनों की दुनिया में, बसी है बातें। रात की चाँदनी में छुपी "मोहब्बते", सपनों की दुनिया में, बसी है बातें।
धीरे धीरे से ही सही वो मेरे दिल में यूं बस गया है कि जैसे सदियों से उससे कोई पहचान है, धीरे धीरे से ही सही वो मेरे दिल में यूं बस गया है कि जैसे सदियों से उससे कोई पहच...
वो एहसास अपने बदन का ,मुझे फिर से दे दो ना यार। वो एहसास अपने बदन का ,मुझे फिर से दे दो ना यार।
मुख पे छाई उदासी आंखों में ले खारा पानी। मुख पे छाई उदासी आंखों में ले खारा पानी।
पता नहीं ये तेरे मुस्कान के कमाल है , या फिर तेरे शब्दों का पता नहीं ये तेरे मुस्कान के कमाल है , या फिर तेरे शब्दों का
पर जो खुशकिस्मत नहीं वो है नाखून जो बढ़ जाने पर तुम काट देती हो। पर जो खुशकिस्मत नहीं वो है नाखून जो बढ़ जाने पर तुम काट देती हो।
चमकती रूपवती आँखों में काजल की खूबसूरती, चमकती रूपवती आँखों में काजल की खूबसूरती,
ओ कन्हैया, कान्हा मेरे ओ मन बसिया, सांवरिया मेरे,, ओ कन्हैया, कान्हा मेरे ओ मन बसिया, सांवरिया मेरे,,
वो सलाम नहीं था बस एक अकेला शब्द, बल्कि उसमें छिपा था एक अनमोल अर्थ। वो सलाम नहीं था बस एक अकेला शब्द, बल्कि उसमें छिपा था एक अनमोल अर्थ।
अदृश्य भावनाओं का मेला, प्रेम, आस, और विश्वास का खेला। अदृश्य भावनाओं का मेला, प्रेम, आस, और विश्वास का खेला।
मै कृष्णा तू राधा मेरी मुझ ही में है अब झलक तेरी। मै कृष्णा तू राधा मेरी मुझ ही में है अब झलक तेरी।
उसने तो अपने जीवन में परिवार के ऊपर तुम्हें प्रथम स्थान तक दे दिया और... उसने तो अपने जीवन में परिवार के ऊपर तुम्हें प्रथम स्थान तक दे दिया और...
अपनी सारी उदासी बहा देना चाहता हूँ... एक सिर्फ तुम्हारे कंधे पर रख कर सर..!! अपनी सारी उदासी बहा देना चाहता हूँ... एक सिर्फ तुम्हारे कंधे पर रख कर सर..!!
हे प्रभु श्री राम अब तो मान जाओ ना मुझे अपनी दिकु वापिस लौटाओ ना। हे प्रभु श्री राम अब तो मान जाओ ना मुझे अपनी दिकु वापिस लौटाओ ना।