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Shilpa Sekhar

Abstract

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Shilpa Sekhar

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मायूस मन

मायूस मन

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बैठी हूं तन्हा जो घर में आज मेरे,

तरस गई हूं‌ सुनने को अल्फाज़ तेरे

अकेलेपन में होती है घुटन सी,

जब याद आती है तेरे छुअन की



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