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Sunita Katyal

Abstract

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Sunita Katyal

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यादें

यादें

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इस जमाने में जहाँ वक्त के साथ साथ

ख्यालात भी बदल जाते हैं

तुम तो शायद सोच भी नहीं पाते होगे

कि कितनी शिद्दत से तुम्हे कोई चाहता है

तुम्हारी यादों के सामने 

कितने बेबस और मजबूर हो जाते हैं हम

एक याद तुम्हारी

हमारी जान लेने के लिए काफी है सनम


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