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Dr.Rashmi Khare"neer"

Abstract

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Dr.Rashmi Khare"neer"

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याद

याद

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तुझे ही देखने का मन

तेरे ही यदि में डूबा मन


तेरी सिवा दुनिया में कुछ भी नहीं

ये मेरे मन की आवाज


तुझे कभी ना भूल पाने की चाह

तुझे पा लेने के बाद भी में नहीं भरना


तेरे बिन कुछ अच्छा नहीं लगना

मां का बेटी के लिए

ये प्यार नहीं तो और क्या है।


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