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Mahesh Kumar

Abstract

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Mahesh Kumar

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वक्त का ज्ञान

वक्त का ज्ञान

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वक्त है हिम्मत

वक्त है दौलत,

वक्त ही है भगवान रे साथी

वक्त से हर इंसान


वक्त से बढ़कर

नहीं कोई जगत में,

चाहे पढ़ ले शास्त्र या पुराण

वक्त से हर इंसान


खोया जब-जब 

कही जगत में..?

दी वक्त ने तुझे पहचान

वक्त से हर इंसान


कब हंसना था 

कब रोया था 

भूखा मर के कब सोया था ?

रखे दुनिया का ध्यान


वक्त है हिम्मत

वक्त है दौलत

वक्त ही है भगवान रे साथी 

वक्त से हर इंसान।


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