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Satish Chandra

Inspirational

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Satish Chandra

Inspirational

विरासत

विरासत

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कलम की स्याही जब कागज पर उतरती है 

वो दिल के रास्ते से होकर ही गुजराती होगी,

समाज के हर रीति रिवाज को खोलती होगी,

कई अनसुनी अनकही बातो को भी परखती होगी, 

फ़िर जा कर कहीं लेखक की स्याही बनकर किसी कागज पर उतरती होगी , 

पीढ़ी दर पीढ़ी उस कागज पर कही बात को अमल करता है ,प्रेरणा लेते होंगे, 

फ़िर किसी कलम की स्याही समाज का दर्पण बनकर किसी कागज़ पर उतरती होगी

आज ये जिम्मेदारी 'स्टोरीमिरर ऐप' ने उठाई है

हमने तो बस स्याही बन कर उसके कागज पर बह जाने की कसमें खाई है. 




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