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Manoj Sharma

Abstract

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Manoj Sharma

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विदाई

विदाई

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जाते हो तो जाते जाते

काम मेरा एक कर के जाओ


थोड़ी यादें थोड़े कागज़

चाय का प्याला रख के जाओ


दे नहीं सकता मोल मैं इसका

फ़िर भी ज़रा सा हँस के जाओ


याद ना करना भूल ही जाना

हाँ इतना वादा कर के जाओ


किस का कितना दामन गीला

इस बात पे मुझसे लड़ के जाओ।



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