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Varsha Sharma

Inspirational

4  

Varsha Sharma

Inspirational

ऊंचा बढ़ने के सपनों को

ऊंचा बढ़ने के सपनों को

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ऊंचा बढ़ने के सपनों को मैंने देखा जो मन बावरे

तुम दूर नजर आए बड़ी दूर नजर आए

हिम्मत करके आगे बढ़ी हूं सोचने अंखियों में तुम मुस्काए

एक सपना था मेरे मन में अब टूटने लगा था


पागल थी मैं हाय नारी है कमजोर सोचने लगी थी 

मन को सुदृढ़ करके अब उड़ान भरने लगी हूं

कहीं उम्र ना गुजर जाए सपनों को सोच के

ऊंचा बढ़ने के सपनों को मन देखा जो बावरे. . 

जीती हूं अब सपनों को

मरती हूं सपनों पर


उड़ान हो अब पूरी सपने पूरे हो अब

सारी दिन रात दुआ मांगे स्वप्न पूरा होने के 

ऊंचा उड़ने के सपनों को मैंने देखा जो मन बावरे

कहीं मेरा मन उम्मीद से ना डगमगाए


मैं जब से अपनी आशाओं को चाहने लगी हूं 

जगते हुए सोती हूं सोते हुए जगती हूं

मेरी आशा से भरे सपने अब कोई ना छीने 

मन सोच के सुदृढ़ हो जाए

 और सुदृढ़ हो जाए


ऊंचा बढ़ने के सपनों के

मैंने देखा जो मन बावरे

गाना अंखियों के झरोखों से

फिल्म अंखियों के झरोखों से राजश्री


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