Rakesh Mutha
Romance
उसकी हाँ ना के बारे में
नहीं सोचा मैंने
जानता हूं गलत किया
मगर मानता नहीं
न जाने उसके सामने
आते ही मैं खुद को बड़ा
और सक्षम मानता हूं
वीरता नहीं है ये कायरता
जो मूल्यों को तोड़
जुर्म का द्धार
खोल रही है मेरे लिये।
उसकी हाँ ना
ज़बसे तुझको देखा है मेरे होश उड़ गये हैं। ज़बसे तुझको देखा है मेरे होश उड़ गये हैं।
सब पर वो पालनहारा, कभी किसी को उस पर हैरानी नहीं हुई। सब पर वो पालनहारा, कभी किसी को उस पर हैरानी नहीं हुई।
अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में। अचानक ही तो मिले थे हम दोनों समय और संस्कारों की यात्रा में।
कई दफा"नीतू"के दिल का आईना निहारा था हमने। कई दफा"नीतू"के दिल का आईना निहारा था हमने।
प्रेम-अगन है पतझड़-सावन... ! प्रेम-अगन है पतझड़-सावन... !
कभी हम तुम्हें याद आए आ जाना हमारे शहर में कभी हम तुम्हें याद आए आ जाना हमारे शहर में
याद नहीं आ रही अब मुझे रुक्मणी और राधा.. चुंबकीय आकर्षण में तेरे हो गई अधीर और आधा.. याद नहीं आ रही अब मुझे रुक्मणी और राधा.. चुंबकीय आकर्षण में तेरे हो गई अधीर ...
तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी। तेरे गाँव को जाती सड़क है न वहीं कहीं वो आखिरी मुलाकात होगी।
शिद्दत क्या होती है एक आशिक़ से मत पूछना शिद्दत क्या होती है एक आशिक़ से मत पूछना
तुम्हारे प्रीत को पानेका एक जुनून मिला ! बड़ा नसीब है अपना मुझे सुकून मिला !! तुम्हारे प्रीत को पानेका एक जुनून मिला ! बड़ा नसीब है अपना मुझे सुकून मिला !!
आज फिर हरि रूप का यह दिल दिवाना हो गया। आज फिर हरि रूप का यह दिल दिवाना हो गया।
आप हाथों की लकीर में न थे "नीतू" के अहसास पहले खो गए। आप हाथों की लकीर में न थे "नीतू" के अहसास पहले खो गए।
तुम्हारे साथ ही रहकर ! सभी सपने सजा लूँगा !! तुम्हारे साथ ही रहकर ! सभी सपने सजा लूँगा !!
इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ! इश्क़ है; सिलवटों से भरे बिस्तरों में, अपनी प्रेयषी की खुशबू को ढूँढना ...
बिना आवाज़ के भी तु मुझे पुकार जाती हैं। बिना आवाज़ के भी तु मुझे पुकार जाती हैं।
सबसे ज्यादा प्यार इनसे है, जिनका नाम लेती नहीं मैं। सबसे ज्यादा प्यार इनसे है, जिनका नाम लेती नहीं मैं।
पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का गुणगान करनेवाली यह क... पति को अपना सर्वस्व देनेवाली पत्नी... उसकी भावविभोर और अपने प्रियतम के प्यार का ...
चन्द्र मुख तन चन्द्रिके हे! प्रेम यह स्वीकार कर ले. चन्द्र मुख तन चन्द्रिके हे! प्रेम यह स्वीकार कर ले.
हर रिश्ते को जांच कर देखा स्वार्थ ही नजर आया। हर रिश्ते को जांच कर देखा स्वार्थ ही नजर आया।
पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है हमारा। पता नहीं कुछ वर्षों की या जन्मों का है सहारा ना तेरा ना मेरा कहता, कहता सब है...