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Shubhra Ojha

Abstract

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Shubhra Ojha

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उड़ान

उड़ान

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सपनों की उड़ान जरूरी है

कुछ बनने के लिए,

जब अपनी मंज़िल की तरफ़

पहला कदम बढ़ाओ तो

ये ना सोचो कि तुम क्या हो

कि तुम क्या कर पाओगे,

तुम जहांँ हो जैसे हो

बस उसी अवस्था में चल पड़ो,

तुम पैदल चल रहे हो, या

साईकिल से

इससे कोई फर्क नहीं पड़ता,

कोई कभी नहीं देखेगा

तुम्हारी शुरुआत

सभी देखेंगे तुम्हे जब

तुम पहुंँच जाओगे 

अपनी मंज़िल के पास,

तो तुम साधो अपना लक्ष्य

और चलते रहो लगातार

रुकना तुम बिल्कुल नहीं

जब तक तुम छू ना लो 

अपना आसमान।



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