"तू ही भगवान"
"तू ही भगवान"
तू ही इन्सान
तू ही जानवर
तू ही मां का प्यार
तू ही मनमोहक
तू ही सुख दुःख दायक
तू ही क्रेता
तू ही विक्रेता
तू ही नेता, तू ही जनता,
तू ही अभिनेता
तू ही सबका तन और मन
तू ही इन्सान
तू ही सबका पहचान
तू ही भगवान।
प्यार, मोहब्बत सब में
तेरा ही निशान
ये दौलत, ये धन
ये घर, ये परिवार
ये मेहमान
सब की रचना तेरा ही है
तू ही भगवान ।
विद्या, बुद्धि, विवेक और ज्ञान
सब में है तेरा वरदान
सब का मालिक तू ही है
सब में है तेरा योगदान
तू ही माता, तू ही पिता
तू ही सबका सम्मान
तू ही जग में
सबसे बड़ा मालिक हो
सब है तेरा पहचान
तू ही सबसे प्यारा
सबसे न्यारा
तू ही भगवान ।
अनहोनी को
होनी करने वाला
मृतकों को अमृत
करने वाला
अदृश्य को दृश्य
करने वाला
तू ही तू है
सबका भला बुरा
करने वाला
जग में और कोई नहीं है
तू ही तू भगवान ।
पेड़, पौधे को रचने,
रचाने वाले
ये संसार को चलाने वाले
ये जग को निर्माण करने वाला
केबल तू ही तू है
तू ही हमारी सर्वश्रेष्ठ,
सर्वशक्तिमान भगवान ।
जन्म, मृत्यु ये
सारे संसार तुम्हारे ही पहचान
तू ही इन्सान, जानवर
तू ही सुर, असुर
तू ही नर, नारी
तू ही अर्द्ध नारीशवर,
तू ही ईश्वर, आल्हा, यीशु,
तू ही राम, क्रिष्णा
तू ही घट घट में विद्यमान
तू ही हम सबका प्यारा
तू ही न्यारा
हम सबका वन्दनीय,
पूजनीय भगवान।
