STORYMIRROR

SANJAY MARANDI(KUNAL)

Romance

4  

SANJAY MARANDI(KUNAL)

Romance

तुम्हारी यादों की खुशबू

तुम्हारी यादों की खुशबू

1 min
301

मेरे इस कमबख्त दिल ने,

तुम्हें अपना बना लिया है,

इस दिल ने तुम्हें,

सीने से लगा लिया है,


अब यह दिल धड़कता भी है,

तो बस तेरे ही नाम में,

ऐसा लगता है मानो,

इस दिल में तुम घर कर गई हो,


लाख समझाता हूं,

लाख मनाता हूं,

मत कर दिल लगी,

इतनी कि छोड़ जाने पर,


टूटने के दर्द को सह ना पाओ,

मत कर दिल लगी,

इतनी कि बिछड़ जाने पर,

तुम उसके बिना रह ना पाओ,


दिल में इतनी जगह,

बचा के रखना कि इस,

टूटे दिल में किसी का,

आशियाना तो ना सही पर,


झोपड़ी जरूर बन पाए,

मुझे पता है,

जिंदगी कि वह हंसी वादियां,

जिंदगी की वह बिताए पल,


मुझे बहुत याद आएंगे,

मुझे बहुत सताएंगे,

पर जिंदगी में हर चीज चाहो,

और वह मिल जाए,

ऐसा मुमकिन नहीं,


पाने की खुशी तो,

हर कोई को अच्छा लगता है,

लेकिन खो के पाने में जो मजा है,

वह विरले ही लोगों को नसीब होता है,


किसी को पा लेना ही,

सच्चा प्यार नहीं होता,

लेकिन उसके दिल में,

उम्र भर के लिए अगर आपने,


जगह बना ली तो सोच लीजिए,

वह आपका प्यार सफल हो गया।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Romance