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geeta nandal

Abstract Romance

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geeta nandal

Abstract Romance

तुम्हारी गली से गुजरता हूँ

तुम्हारी गली से गुजरता हूँ

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तुम हो जिसकी तलाश में मेरा दिल हर वक़्त है

तुम मेरे सपनों में हो ,तुम्ही मेरे ख्वाबों की जान हो

तुमसे ही है मेरी सारी जिंदगी, तुमसे ही हैं मेरी खुशियाँ


तुम्हे देखता हूं तो दिल धड़कता है-2

तुमहारी गली से गुजरता हूं, तो सब कुछ भूल जाता हूँ

तुम्हे चाहता हूँ दिन रात,

तुम हो मेरी जाने मन-2


तुम मेरी जिंदगी का राज हो,तुम मेरी मुहब्बत का एहसास हो

तुमसे ही है मेरी जान, तुमसे ही है मेरी तमन्ना

तुमसे ही है मेरा सब कुछ, तुमसे ही है मेरी हर सांस


तुम्हे देखता हूं तो दिल धड़कता है-2

तुम्हारी गली से गुजरता हूँ, तो सब कुछ भूल जाता हूँ

तुम्हे चाहता हूँ दिन रात, 

तुम हो मेरी जाने मन-2


तुम्हारी खुशी मेरी जान है, तुमसे ही मेरी पहचान है

तुमसे जो दूर रहूं ,तो बस मैं तनहा हो जाऊं

तुम्हें हर दिन चाहता हूँ, तुम पर ही कुर्बान हो जाऊं


तुम्हें देखता हूँ तो दिल धड़कता है

तुम हो मेरी जाने मन-2


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