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geeta nandal

Abstract Romance

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geeta nandal

Abstract Romance

तन्हाई

तन्हाई

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तन्हा तुम भी थे,

तन्हा हम भी थे,


दिल में चाहत थी

भीगी थी पलकें

पर जुबां पर ना

आने का गम था


तन्हा तुम भी थे

तन्हा हम भी थे


ख्वाबों में भी ना 

सोचा था हमने एक

दिन यूं फांसले

होंगे दरमियान 


तन्हा तुम भी थे

तन्हा हम भी थे


भूला ना सकोगे

वो गुजरे लम्हे

वो मीठी सी यादें

वो प्यारी सी बातें


तन्हा तुम भी थे

तन्हा हम भी थे।


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