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geeta nandal

Romance

3  

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तेरी यादों की बारिश

तेरी यादों की बारिश

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मिट्टी की सौधी खूशबू की तरह

तेरी यादें मन को महकाने लगी

दिल को हल्के से गुदगुदाने लगी

तेरी यादों की बारिश जब होने लगी।


बेजान कलियां मुस्कुराने लगीं

नई पत्तियां पुलकित होकर खिलखिलाने लगीं

उपवन मे फूलों की बहार आने लगी

तेरी यादों की बारिश जब होने लगी।


तेरे चेहरे की मोहक मुसकान

मेरी आँखो के आइने मे सजने लगी

तेरी मीठी बातें,प्यारी हँसी गूंजने लगी

तेरी यादों की बारिश जब होने लगी


बीते लम्हों की यादें फिर से ताज़ा होने लगी

खामोशियों के साथ तुम्हारी कमी महसूस होने लगी

दिल को जला कर,अश्कों से झरने बहाने लगी

तेरी यादों की बारिश जब होने लगे।


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