तुम नारी हो
तुम नारी हो
रक्तबीज धरती पर पनपे तो तुम उन्हें मरने वाली काली बन जाती हो,
कमल पर विराजो तो तुम लक्ष्मी कहलाती हो,
तुम नारी हो।
वीणा लो हाथ में तो तुम सरवस्ती कहलाती हो,
जब हाथ में शस्त्र उठाओ तो मां दुर्गा बन जाती हो,
तुम नारी हो ।
पतिव्रत का संकल्प लेती तो सती सावित्री बन जाती हो
संतान को जन्म देकर तुम धरती से बड़ी, मां कहलाती हो ।
तुम नारी हो।
प्रेम करो तो श्री राधा और भक्ति करो तो मीरा कहलाती हो
जब पाप धोती हो तो तारणहारीणी गंगा बन जाती हो
तुम नारी हो।
पवित्रता बचाने को जौहर की ज्वाला में जाने वाली पद्मावती बन जाती हो
देश की रक्षा करो तो मणिकर्णिका कहलाती हो
तुम नारी हो
तुम हर स्वरूप में वंदनीय,पूजनीय बन जाती हो
तुम नारी हो।
