STORYMIRROR

suresh Kumar sharma 'sumesh'

Romance

3  

suresh Kumar sharma 'sumesh'

Romance

तुम हो तो सबकुछ है जिंदगी में

तुम हो तो सबकुछ है जिंदगी में

1 min
271

तुम हो तो सब कुछ है

तुम नहीं तो कुछ नहीं,


तुम हो तो हर रात दीवाली के दिये जगमगाते हैं

तुम हो तो हर दिन होली के रंग झिलमिलाते हैं

तुम हो तो शहर ,हर मौसम में भला लगता है

तुम हो तो हर फूल खिला -खिला सा लगता है।


तुम हो तो सब कुछ है

तुम नहीं तो कुछ नहीं।


तुम हो तो जिंदगी कितनी आसान है

तुम बिन हर दिन बेजान है

तुम हो तो जिंदगी में बहार है

तुम हो तो हरपल में प्यार है।


तुम हो तो सब कुछ है

तुम नहीं तो कुछ नहीं।


तुम संग जीवन मे हंसी बरकरार,

तुम हो जीवन मे खुशियो के रंग हजार

तुम हो तो प्यार ही प्यार है

तुम संग मेरा प्रेम सुमेश प्रिया।


तुम हो तो सब कुछ है

तुम नहीं तो कुछ नहीं।


तुम बिन सब सूना है जग में

तुम संग सब बहार है जीवन में

तुम संग यादों का सैलाब

तुम संग अपना सा अहसास।


तुम हो तो सब कुछ है

तुम नही तो कुछ नहीं।



Rate this content
Log in

More hindi poem from suresh Kumar sharma 'sumesh'

Similar hindi poem from Romance