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Rucha Rucha

Abstract

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Rucha Rucha

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तुम और मैं

तुम और मैं

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तू चाँद जैसे चमकता है

मैं दरिया जैसी उछलती हूँ।

तू फूल बनके सजता है

मैं खुशबु सी महकती हूँ।


तू दिल बनके रहता है

में धड़कन जैसी धड़कती हूँ

तू नींद बनके आता है

में सपना बनके सजती हूँ।


तू खुशियां बनके आता है

मैं हँसी जैसी खिलती हूँ

तू दर्द बनके रोता है

मैं आँसू बनके छुपती हूँ।


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