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Krishna Kunwar

Inspirational

4.2  

Krishna Kunwar

Inspirational

तुझमें ही राम

तुझमें ही राम

1 min
227


मस्जिद तोड़े, मंदिर जोड़े,

जिहाद ने उजाड़े लाखों मांग

पत्थर पूजे, माथा टेके,

क्या मिल गये तुझको है राम ?


राखी सोभे भाइयों की कलाई पे,

पर करे न वो, नारी का सम्मान

रावण खुद को राम भक्त बताये,

क्या हो जायेंगे उसके राम ?


जब जब हो सीता का शोषण,

तब तब रोते है श्रीराम

भृगु नगरी, काशी, मथुरा,

एकछत्र है ये रावण राज !


शिव तांडव करे गंगा और गोमती,

बर्बाद हो गये लाखों किसान

किन्तु सन्त करे जयघोष क नारे,

सज गयी है अयोध्या धाम


जन्मभूमि खून से रंगे देख,

कैसे खुश होंगे श्रीराम

तनिक रुक, सोच और खुद में झाँक,

तू ही शैतान, तुझ में ही राम !


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