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Saurav Banerjee

Abstract

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Saurav Banerjee

Abstract

तलाश है

तलाश है

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शब्द बहुत हैं कहने को,

पर तलाश है सुनने वालों की।


बहुत कुछ है लिख़ने को,

तलाश है पढ़ने वालों की।


कहने को बहुत हैं मुझे समझने वाले,

तलाश है सच में समझने वालों की।


बहुत हैं मुझे पहचानने वाले,

तलाश है जानने वालों की।


राज़ बहुत हैं साझा करने को,

तलाश है उसे राज़ रखने वालों की।


कमी नहीं है वादे करने वालों की,

तलाश है वादे निभाने वालों की।


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