तिरंगा
तिरंगा
आओ सब मिल कर
तिरंगा फहराये
बापू के अरमान का
यह परचम हिन्दुस्तान का
आओ इस की आन बान
और शान बढाये
यह सौदा है
हमारे अभिमान का
हम सब मिल जुल कर
इकटठे होते क्यो नही
यह मौका है बलिदान का
झोली में हम इसकी
बहुत खेल चुके
अब बदला चुकाए
अहसान का
इस धरती पर है सारे मजहब
यही गौरव है हिंदुस्तान का
आओ सब मिल कर
तिरंगा फहराये
बापू के अरमान का
यह परचम हिन्दुस्तान का
यह गौरव हिंदुस्तान का।
