STORYMIRROR

Vikram Kumar

Inspirational

3  

Vikram Kumar

Inspirational

तीन मुक्तक राखी के

तीन मुक्तक राखी के

1 min
49

हर आधार बसता है तेरी राखी के धागे में

सारा प्यार बसता है तेरी राखी के धागे में


इससे बढ़के न मेरी कोई सौगात दुनिया में

मेरा संसार बसता है तेरी राखी के धागे में


उंचा तेरी ख्वाबों का, सदा परवाज रखूंगा

तेरे स्नेह को जीवन का, अपने नाज रखूंगा


सलोनी राखी के त्यौहार पर है मेरा ये वादा

तेरी राखी के धागों का, सदा मैं लाज रखूंगा


तू रौनक है घर का, और अभिमान है बहना

हमेशा से मेरा एक ही यही, 

ऐलान है बहनाउदासी तेरे चेहरे पर कभी, 

आने न मैं दूंगा मेरी जान से बढ़कर, तेरी मुस्कान है बहना।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Inspirational