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Saini Nileshkumar

Abstract

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Saini Nileshkumar

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तेरे बिना

तेरे बिना

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तेरे बिना वो खूबसूरत नजारा भी है फीका

तेरे आगे वो लाख ख़ुशी भी है फीकी

तू मेरी वो भगवान है जिसके बिना

मेरा मंदिर भी है फीका।


अगर जिंदगी में तू ना हो

तो वो किसी बद्दुआ से कम नहीं

और जो हो साथ तू तो

ज़िन्दगी किसी जन्नत से कम नहीं।


तेरे प्यार से सिंचित हुई है मेरी ज़िन्दगी

सदा सींचे रखना इसे तेरे प्यार से

एक बाप का प्यार भी मैंने तुझमें है पाया

और तेरे संस्कारों से ही किया ऊँचा तुने मुझे।


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