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Sandeep Suman

Inspirational

4.5  

Sandeep Suman

Inspirational

सुमन की सुगंध और प्रेम का संगम

सुमन की सुगंध और प्रेम का संगम

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मोह का जााल है यह गहरा,
इस पर लगा धड़कनों का पहरा।
तुम बने इस संगम के मीत,
हवाओं ने गाया मिलन का गीत।शब्दों में पिरोया है यह अहसास,
तुम दूर होकर भी हो दिल के पास।
चला है जो भावनाओं का तीर,
बदल रहा है चाहत की तकदीर।खिलते हैं जैसे उपवन में सुमन,
वैसे ही महक उठता है यह मन।
यह प्रेम का पावन नाता है,
जो रूह को रूह से मिलाता है।



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