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Divya Jaiswal

Abstract

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Divya Jaiswal

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सपने

सपने

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अक्सर सोचा करती हूँ मैं कि

इन्सान क्यों देखा करता है सपने ?

और अगले ही पल पाती हूँ जवाब

कि ये ही तो होते हैं जो हैं उसके अपने


जिनमें वो उस हर ख्वाहिश को

हासिल कर लेता है जो यूं मुमकिन नहीं पाना 

कभी कभी ये सपने हकीकत मे भी तब्दील हो

जाते हैं और जिंदगी की हर शिकन दूर कर जाते हैं


इसलिए जिन्दगी की अहम जरूरत हैं ये सपने

जिन्दगी जीने के लिए बहुत जरूरी हैं ये सपने।


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