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Praveen Gola

Abstract

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Praveen Gola

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सपना

सपना

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सपना जीवन का अंचल है,जगाता है ख्वाबों की राह,

चलने को प्रेरित वह करता,जीवन के उत्साह की चाह।

चाहतों की नौका वह है,जीवन की लहरों में बहता,

बादलों की गुड़िया सा,आसमानों में फिर उड़ता रहता।

सुनहरे सपने बुनते है,आँचल में छुपी खुशियाँ।

धुंधली सियाही से रंगता,जीवन की नई कहानियाँ।

सपना जीवन की अमृतधारा,वह मन को मोह लेता है,

चलने की राह में हमेशा, सच्चाई का साथ देता है।

सपना जीवन का रंगीन सफर,ना रुकने वाला,

ना ठहरने वाला,हर चरण के नए आकार में,

नए जश्न से हममे घुलने वाला।।



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