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Mahendra Yadav

Romance

3  

Mahendra Yadav

Romance

सनम

सनम

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इस तरह से मुझे न तड़पओ सनम

दूर हमसे कभी भी न जाओ सनम


रह सकेंगे न अब हम तुम्हारे बिना

संग रह कर जीना सिखाओ सनम


ज़िन्दगी के लिए तुम जरूरी हुई

मेरी आरजू तुमसे ही पूरी हुई


मिली हो तो साथ निभाना मेरा

छोड़ कर राह में न जाना सनम


सपनों में आकर सताती हो क्यों ?

यूं नींदे मेरी चुराती हो क्यों ?


ज़िन्दगी है मेरी अब तुम्हारे लिए

अब तो समझो इसे हमारे सनम।


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