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Saumya Mishra

Abstract Others

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Saumya Mishra

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सीता की अग्निपरीक्षा

सीता की अग्निपरीक्षा

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मृत्युलोक पर जन्म लिया,

नारी जाति का सम्मान थीं।

रघुकुल राजा राम की पत्नी,

भूमि की संतान थीं । 


फिर क्यूँ ,

उनकी पवित्रता पर लगे कलंक ?

क्या समाज से थी यही अपेक्षा ?

सीता की अग्निपरीक्षा ।


लंका में चारों ओर,

छाया घोर अंधियारा था ।

सीता को ‌लंका में बस,

राम नाम का सहारा था ।


सति बन गई थी सीता,

फिर क्यूँ थी प्रमाण की प्रतीक्षा ?

सीता की अग्निपरीक्षा ।


घास की एक ओट से ही,

स्वयं को सीता ने संभाला था ।

राम नाम के जाप से ही,

सीता के मन में उजाला था ।


सीता की पवित्रता से,

क्यूँ नहीं ली समाज ने धर्म की शिक्षा ?

सीता की अग्निपरीक्षा ।



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