Suvarna Jadhav
Abstract
कितना सुंदर कितना प्यारा
मां-बाप की आंखों का तारा।
बोल नहीं पाता
पर ममता है समझता,
मां बाप का प्यार
केवल स्पर्श से ही जानता।
यह शिशु है कच्ची मिट्टी जैसा
बनेगा वैसा तुम बनाओगे जैसा।
संस्कार शिक्षा अच्छी देना इसे
एक अच्छा इंसान बनाना इसे।
रणबांकुरे
भारत हमारा मह...
नशा
जोकर
टीम वर्क
हास्य
नेतृत्व
धरती का खुदा
व्यायाम
तेरे ईश्क की खुमारी में जीने की इक नई आस जगी है! तेरे ईश्क की खुमारी में जीने की इक नई आस जगी है!
जिन हाथों ने तन नोचा है , उन हाथों को काटे हम । टुकड़े टुकड़े कर के चीलों। .. जिन हाथों ने तन नोचा है , उन हाथों को काटे हम । टुकड़े टुकड़े कर के चीलों।...
मैं और मेरी क़ल़म जब भी एक दूजे के साथ-साथ होते हैं. मैं और मेरी क़ल़म जब भी एक दूजे के साथ-साथ होते हैं.
मेहनत से कामयाबी का मिलना, उपलब्धि बड़ी है जीवन की, मेहनत से कामयाबी का मिलना, उपलब्धि बड़ी है जीवन की,
अमीर, गरीब, राजा, रंक या भिखारी के भोजन में शामिल हो अपना महत्व बताता है। अमीर, गरीब, राजा, रंक या भिखारी के भोजन में शामिल हो अपना महत्व बताता है।
संदेह में तो सदा ही रहता है, जो काम दूजे के भरोसे हो। संदेह में तो सदा ही रहता है, जो काम दूजे के भरोसे हो।
जिम्मेदारियों के भँवर में कितनी हो उलझी, फिर भी ऊपर से दिखती तुम सदा सुलझी। जिम्मेदारियों के भँवर में कितनी हो उलझी, फिर भी ऊपर से दिखती तुम सदा सुलझी।
वह हमारा पुराना पुश्तैनी घर बुढ़ापे की दहलीज पर। वह हमारा पुराना पुश्तैनी घर बुढ़ापे की दहलीज पर।
ये चाँद -सूरज ये आसमां मेरे साथ ही साथ चल रहे हैं। ये चाँद -सूरज ये आसमां मेरे साथ ही साथ चल रहे हैं।
मुझे लगता है जैसे मैंने प्रश्न की सूची ही निर्मित कर ली हैं मुझे लगता है जैसे मैंने प्रश्न की सूची ही निर्मित कर ली हैं
टूट गये सपनों को फिर से संभाला जाये चलो फिर से एक चिट्ठी लिखी जाये। टूट गये सपनों को फिर से संभाला जाये चलो फिर से एक चिट्ठी लिखी जाये।
जिसने सेवा अपने गुरु की कर ली, गुरु ने उसकी सब चिंता हर ली जिसने सेवा अपने गुरु की कर ली, गुरु ने उसकी सब चिंता हर ली
दिल से विजय भावनाओं का अनूठा बनता संगम, मैं से बन जाते हैं सदा ही दोनों हम। दिल से विजय भावनाओं का अनूठा बनता संगम, मैं से बन जाते हैं सदा ही दोन...
आज का अधूरा सत्य यही है कि हमें आप पर विश्वास है। आज का अधूरा सत्य यही है कि हमें आप पर विश्वास है।
सावन के झूलों के मौसम वापस आए, फूल खिले बागों में मन झूम झूम गाए। सावन के झूलों के मौसम वापस आए, फूल खिले बागों में मन झूम झूम गाए।
दुनिया के आलसियों के लिए यही एक पैगाम मत करो आलस करो कुछ काम करो कुछ काम। दुनिया के आलसियों के लिए यही एक पैगाम मत करो आलस करो कुछ काम करो कुछ...
दानी कर्ण दिये पुत्र को काटकर दान इतिहास है भारत का महान। दानी कर्ण दिये पुत्र को काटकर दान इतिहास है भारत का महान।
पाकीज़गी की किसी सीमा में न बाँधो, इन नज़रों में एक मासूम दीवानी छिपी है। पाकीज़गी की किसी सीमा में न बाँधो, इन नज़रों में एक मासूम दीवानी छिपी है।
नामुमकिन कुछ भी नहीं दिल के लिए, इस बात का यकीन दिलाये बैठे हैं। नामुमकिन कुछ भी नहीं दिल के लिए, इस बात का यकीन दिलाये बैठे हैं।
पर्दाफाश हुआ जब पीर-ओ-वली की अच्छाइयों का इश्क़ हो गया हमें अपनी तमाम बुराइयों से पर्दाफाश हुआ जब पीर-ओ-वली की अच्छाइयों का इश्क़ हो गया हमें अपनी तमाम बुराइयो...