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Manju Saini

Inspirational

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Manju Saini

Inspirational

शीर्षक:मेरी कल्पना

शीर्षक:मेरी कल्पना

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नव पंख लगा निंदिया में

सपनों में मेरे आ जाना

सपनों में साथ बैठ कर तुम

मुझ में प्रीत जगा जाना।

  मीठी सी होंठों की मिठास

  हौले से तुम छलका देना

  हौले से पवन बन तुम मेरे

  रोम रोम महका देना।

आलिंगन में बस लेकर के

तुम प्रेम अपना बरसा देना

धड़कन संगीत समान बने

जीवन में नव स्फूर्ति भरना।

   तेरा स्पर्श मधुर लगता प्रिये

   जीवन उपवन में बसंत प्रिये

   महकेगा घर आंगन तुम से प्रिये

   आओ तुम धीरे से प्रिये।

अधरों से छू कर बार बार

कर दो जीवन का उद्धार

मैं हिय से प्रियतम हूँ तेरी

चिर प्रणय कामना लिए तेरी।


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