STORYMIRROR

अजय एहसास

Comedy Romance

4  

अजय एहसास

Comedy Romance

सब रक्खा है

सब रक्खा है

1 min
328


कौन कहता है कि तुझको भुला रक्खा है 

तुझे तो हर्ट में ही ब्लड सा छुपा रक्खा है 

तेरी यादें दिमाग दिल पे छाई रहती हैं 

सर्कुलेशन से खोपड़ी को दबा रक्खा है ।


अंधेरे दिल में जलाया जो प्यार का दीया

खोपड़ी का मेरा भूसा भी जला रक्खा है 

खाली होने पर कलम फेंक दी थी जो तूने 

उसे तो आज भी सीने से लगा रक्खा है ।


लिखते लिखते जो कलम दांत से दबाती थी

कलम वही तो होठों से लगा रक्खा है 

तेरे कलम और कागज के कुछ मुश्किल टुकड़े

टूटी अलमारी में मैंने ही सजा रक्खा है ।


डरते दीमक भी है वह कागजें कुतरने से 

तेरी फोटो भी वहां पर जो लगा रक्खा है 

वह जो चूरन वाली नोट दी थी तुमने कभी 

आज बाजार में वो ही तो चला रक्खा है ।


एक कागज पे तूने प्रिय लिखा था मुझको 

उसी ने आज लोकप्रिय बना रक्खा है 

दूर गर हो गए तो मुझको गम नहीं कोई 

तेरा नंबर मेरी कॉपी में लिखा रक्खा है ।


दिया था प्रेम दिवस पर गुलाब जो तुमने

सूखी पंखुड़ियां किताबों में दबा रक्खा है

अपना "एहसास" बयां कर गया है यूं कोई 

सच में तो खिचड़ी न कोई भी पका रक्खा है।


Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Comedy