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Shekhar Shivam

Abstract

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Shekhar Shivam

Abstract

सब कुछ बदल रहा है

सब कुछ बदल रहा है

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दुनिया बदल रही है

जमीं  बदल रही है 

मौसम बदल रहें हैं 

रिश्ते  बदल रहें हैं 

सबकुछ बदल रहा है

पल -पल बदल रहा है। 


आशियाँ बदल रहें हैं 

ख्वाब बदल रहें हैं 

जिंदगी बदल रही है 

चेहरे बदल रहे हैं 

सबकुछ बदल रहा है 

पल -पल बदल रहा है। 


चाहने वाले बदल रहें  हैं

जिसे चाहा बदल रहें  हैं 

घावें बदल रहें हैं 

चोटें बदल रहीं हैं 

सबकुछ बदल रहा है 

पल -पल बदल रहा है। 


धीरे -धीरे ही सही 

सारी दुनिया  बदल रही है 

कहां  थे कहां आ गए   ये 

हम   भी बदल रहें    हैं 

सच, सब कुछ बदल रहा है 

हर   पल बदल रहा है। 


               


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