रोशन
रोशन
खुद को रोशन करके,
खुदा का नाम बताना है।
जिस भूमि पर जन्मा मैं,
उसका ब्याज चुकाना है
काम करना है ऐसा मुझे,
कि लोगों के दिलों में बस जाना है।
हो किसी को दुख ना मुझसे,
बस आगे बढ़ते जाना है।
अगर घनी आधी रात मुझसे आकर कहती है,
कि नहीं रखो चाहे एक नई प्रभात आने की,
तो मेरी आत्मा गर्व से कहती है,
इस अंधेरे की क्या ताकत, मैं तो आग लगा सकता हूं पानी में।
