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VIPIN KUMAR TYAGI

Abstract

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VIPIN KUMAR TYAGI

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रंगोत्सव

रंगोत्सव

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रंगोत्सव होता है रंग बिरंगे रंगों का त्यौहार ,

रंगोत्सव मनाया जाता है रंगों से एवम् होता है

खुशी का त्यौहार, जब लोग हाथों में रंग लेकर

दूसरों को रंग लगाते तो मिलती खुशी अपार,


लोग लगा रंग, गिले-शिकवे दूर कर मिलकर

गले भुला देते सभी मतभेद, मिलती खुशी अपार,

चारों तरफ रंग बिरंगे खिले फूल मानों

प्रकृति ने सजाया है रंगोत्सव का त्यौहार,


चारों तरफ हरियाली ही हरियाली,

पक्षियों का शोरगुल, सभी मनाते रंगोत्सव का त्यौहार,

किसानों की फसल भी पक है जाती,

फसल देखकर किसान खुशी मनाते अपार,

पतझड़ के बाद पौधों पर भी आई

नई पत्तीयां व बहार, मनाती रंगोत्सव का त्यौहार,

सभी लोग रंग बिरंगे रंगों में खेल कर,


एक दूसरे को रंग लगाकर मनाते रंगोत्सव का त्यौहार,

मानो आज सब अपने दुख दर्द भूलकर,

आपसी मतभेद भूलकर ,

आपस में मिलजुल कर खुशियां

मनाते व मनाते रंगोत्सव का त्यौहार,


ना कोई बुरा मानता, ना कोई विरोध करता,

सभी मिलजुल कर मनाते रंगोत्सव का त्यौहार,

रंगोत्सव होता है रंग बिरंगे रंगों का त्यौहार,

रंगोत्सव मनाया जाता है रंगों से

एवम् होता है खुशी का त्यौहार।


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