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Anusaya Udamale

Classics

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Anusaya Udamale

Classics

रंग बरसे

रंग बरसे

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रंग बरसे 

बरसे गुलाला

प्यारी राधे संग 

नाचे रे नंदलाल


गोपिया सबकी 

सब तरसे

कान्हा के रंग

हम पर बरसे


नाचे आज सब 

भूल के सुधबुध

प्रेम रंग रंगे

छोड़ के सब कुछ


रंग गई आज 

सारी गलीयाँ

कुंज गलीन में

खील गयी कलियाँ।


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