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anuradha nazeer

Tragedy

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anuradha nazeer

Tragedy

रक्षा करो इस राक्षस से

रक्षा करो इस राक्षस से

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मान लो लड़कियाँ माल नहीं

लड़कियाँ मासूम लगती है

परंतु वो मासूम नहीं है

लड़कियों की हिम्मत चरित्र बनी है

झाँसी की रानी जैसे !


कपड़े तो सिर्फ श्रृंगार की वस्तु है ।

तुम क्यों कपड़ों को दोष देते हो।

कपड़ों से कुछ नहीं होता है।

देश में बलात्कार हटाओ।


हमारे साथ अत्याचार

क्यों हो रहा है ?

रक्षा करो हमारी

सजावट सहित रक्षा करना


इन देवियों को राक्षस से

बचाओ हे भगवान!

तुम किधर भी हो

रक्षा करो इस राक्षस से

उस दिन द्रौपदी की लाज बचाई थी

आज तुम किधर गए ?

कितना अत्याचार हो रहा है


कोराना तो कुछ दिन में चला जायेगा

मगर राक्षस से तुम्हारे अलावा

बचाने वाला कोई है क्या ?

कन्हिया तुम ही लाज बचाओ हमारी


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