प्यास पानी हो गई
प्यास पानी हो गई
तुझसे बिछड़ दर्द इश्क अब कहानी हो गई
आँख से उमड़ा समंदर प्यास पानी हो गई
छलकता सागर आंखोंं से सैलाब की तरह
तेरी यादे मेरी रोज रातों की रवानी हो गई
खिलते फूल देख तेरा हंसना याद आता है
सिसकती ओस की बूंंदों की जवानी हो गई
आती है बहारे तेरे लहराते आँचल की तरह
चर्चा तेरे मेरे इशक सबकी जुबानी हो गई
जितना भूलना चाहा तुम उतना याद आए
तू पास नहीं यादें सारी तेरी निशानी हो गई
तेरे इश्क का जादू है कभी उतरता ही नहीं
करके इश्क तुझसे शायद नादानी हो गई
जब भी याद आओ साथ तुम भी आ जाओ
तेरी हर निशानी अब और सयानी हो गई।
