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KAVY KUSUM SAHITYA

Abstract

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KAVY KUSUM SAHITYA

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पत्रकार

पत्रकार

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हिंदी हिंदुस्तान का अभिमान, माँ भारती की संतान,

माँ भारती के कण कण की सम्बृद्धि सम्मान,

विकास का कर्णधार दिन रात मरता तमाम,

खतरों से टकराता नकारता,

पल पल राष्ट्र समाज को सँवारने की कोशिश,

प्राण पण से करता हिंदी हिंदुस्तान का सौभाग्य पत्रकार !             


जीवन को कर्तव्य दायित्व के लिए दावं पर लगा देता,

कभी कही उग्रता के दम्भ से लड़ता

एक सैनिक जवान की तरह ,कही शाहू नाम !                


अनेकों नाम जो हिंदी हिंदुस्तान के

सम्बाद संचार, सच्चाई का चिराग मशाल,

ज़माने को जाग्रत करता,

अधिकारों के लिए सजग करता !


द्वेष, घृणा, विद्वेष के अंत के लिए,

मानव मानवता राष्ट्र को जागृत करता,

भेद भाव को समाप्त करने के लिए,

जन जन का वैचारिक संसोधन करता,

कभी शिक्षक सा नैतिकता संस्कृति,

संस्कार का नेतृत्व करता।               


त्याग बलिदानों से नव चेतना

क्रांति का आवाहन करता,

नौजवान, मज़दूर, किसान की शान, स्वाभिमान,

हिंदी हिंदुस्तान का जज्बात का,

जूनून गुरुर पत्रकार !सैनिक का जज्बा।


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