प्रयाग प्रस्तुति
प्रयाग प्रस्तुति
गूंज उठी प्रयाग की पावन भूमि
नमामि गंग के जयकारों से
हर्षित हो सभी देव चले
कुंभ में निज असवारो से
निर्मल निर्मित गंगा बहती
अविरल बहती यमुना धार
संत समागम युक्त हुआ
प्रयाग का त्रिवेणी मजधार
सन्यासी वैरागी संत महंत सभी
दिगंबर स्वेतंबर धारी की भरमार
हाथी घोड़े पैदल जाते संत अपार
गदा त्रिशूल हाथ ले चलते तलवार
भारद्वाज की पावन नगरी
प्रयाग का हो रहा उद्धार
बाट बाट पर अनुपम प्रतिमाएं
बढ़ाती प्रयाग की शोभा अपार
भिस्ती चित्र की कला अनोखी
चाहु ओर बने हैं रंग विरंग
देख रोमांचित होते तन मन
मुख से निकले हर हर गंग
श्रद्धालू संत समागम का
हुआ यहां अद्भुत विस्तार
गंगा यमुना सरस्वती की
संगम में होता रूप सकार
अति विस्तारित मार्ग यहां के
सर्वोताम है यातायात
अति रमणीय लगता है
नागवाशुकी का घाट
Written by S.Pandey....
