STORYMIRROR

Manmohan Bhatia

Inspirational

3  

Manmohan Bhatia

Inspirational

प्रेम

प्रेम

1 min
255

वो हाथ

खून से सने हुए,

क्यों बेताब हैं

और खून खराबा को।

क्या मिलेगा उन्हें

किसी का सुहाग उजाड़ कर,

क्या मिलेगा उन्हें

मासूम बच्चों को यतीम कर।

क्यों नहीं वे बुद्ध से

कुछ नसीहत लेते हैं,

छोड़ो हिंसा

अहिंसा के पुजारी बनो,

प्रेम की ज्योत से

नफरत का अंधेरा दूर करो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

More hindi poem from Manmohan Bhatia

याद

याद

1 min पढ़ें

कर्म

कर्म

1 min पढ़ें

आत्मा

आत्मा

1 min पढ़ें

नमन

नमन

1 min पढ़ें

प्रेम

प्रेम

1 min पढ़ें

समय

समय

1 min पढ़ें

माँ

माँ

1 min पढ़ें

Similar hindi poem from Inspirational