फूलों की शान
फूलों की शान
जो पौधे की डाली पर खिला है।
वही नहीं बस एक फूल।
आपके घर-आंँगन में।
ध्यान से देखो ज़रा तो पाओगे कि,
एक बेटी रूपी फूल भी तो मौजूद है।
आपके ही घर-आंँगन में।
कभी ना तोड़ना।
दोनों ही फूलों को समय से पहले।
खिलने देना दोनों को ही,
सदा अपने घर-आंँगन में।
फूलों की शान बरकरार रखोगे।
जो सदा अपने घर-आंँगन में।
हर जगह सम्मान पाओगे।
अपने घर-आँगन से लेकर,
दुनिया के कोने-कोने में।
