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anuradha nazeer

Abstract

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anuradha nazeer

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फटी

फटी

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मेरा दिल टूटा तो कोई परवाह ही नहीं किया, 

लेकिन जब मेरे जेब फटा तो सभी पूछने लगे,क्या हुआ ?

कोई जेब कतर दिया या चुरा लिया ,

यह जब भी फटा जेब से कुछ नुकसान नहीं 

लेकिन टूटे दिल से जिंदगी हो गई खत्म

यह क्यों इंसान नहीं जानते,

दिल टूटे तो कोई मरहम नहीं डालते

जब जेब फटे तो सभी मरहम डालते।



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