STORYMIRROR

anuradha nazeer

Abstract

1  

anuradha nazeer

Abstract

फटी

फटी

1 min
369

मेरा दिल टूटा तो कोई परवाह ही नहीं किया, 

लेकिन जब मेरे जेब फटा तो सभी पूछने लगे,क्या हुआ ?

कोई जेब कतर दिया या चुरा लिया ,

यह जब भी फटा जेब से कुछ नुकसान नहीं 

लेकिन टूटे दिल से जिंदगी हो गई खत्म

यह क्यों इंसान नहीं जानते,

दिल टूटे तो कोई मरहम नहीं डालते

जब जेब फटे तो सभी मरहम डालते।



Rate this content
Log in

Similar hindi poem from Abstract