STORYMIRROR

Jina Sarma

Abstract

4  

Jina Sarma

Abstract

पेड़-पौधे

पेड़-पौधे

1 min
9

आज हम पेड़-पौधों से दूर 

जा रहें हैं, मोबाइल फोन पर

हम जितने मजा लेते हैं,

क्या पेड़-पौधों के करीब रहते हैं ?


सिर्फ विश्व परिवेश दिवस पर

हमें पेड़-पौधों क्यों याद आते,

हर पल हम क्यों पेड़-पौधों की

कदर करना भूल जाते।


आज बच्चे बगीचे शहर में 

कम ही देखते, ज्यादातर मोबाइल 

में घुसे रहते... पेड़-पौधों को नज़र अंदाज़ कर

हम पृथ्वी में संकट ला 

हम आज खुद चिंताग्रस्त हैं !


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract