पेड़-पौधे
पेड़-पौधे
आज हम पेड़-पौधों से दूर
जा रहें हैं, मोबाइल फोन पर
हम जितने मजा लेते हैं,
क्या पेड़-पौधों के करीब रहते हैं ?
सिर्फ विश्व परिवेश दिवस पर
हमें पेड़-पौधों क्यों याद आते,
हर पल हम क्यों पेड़-पौधों की
कदर करना भूल जाते।
आज बच्चे बगीचे शहर में
कम ही देखते, ज्यादातर मोबाइल
में घुसे रहते... पेड़-पौधों को नज़र अंदाज़ कर
हम पृथ्वी में संकट ला
हम आज खुद चिंताग्रस्त हैं !
