anuradha nazeer
Abstract
जीवन में तीन शब्द याद रखें,,,
सच्चा ,प्रयास और विश्वास,
अपने काम से बेहतर भविष्य के लिए प्रयास करें,
भगवान में विश्वास रखें,
तब सफलता अपने आप आपके चरणों में होगी।
कोई
इन चीजों को र...
ज़िन्दगी का क...
प्यार दो
मूल्यवान
जीत
अपने काम से प...
सफलता
प्यार प्यार प...
प्यार की प्या...
समय कभी भी एक सा नहीं रहता, प्रकृति के नियमो ने है मुझे सिखलाया। समय कभी भी एक सा नहीं रहता, प्रकृति के नियमो ने है मुझे सिखलाया।
बन तमाशाबीन होकर मौन देख रही है दूनिया प्यारी। बन तमाशाबीन होकर मौन देख रही है दूनिया प्यारी।
अपने हिस्से की खुशियां जो 'पूनम' जग को दे जाता, उसके खातिर सदियां रोई अखबारों के पन् अपने हिस्से की खुशियां जो 'पूनम' जग को दे जाता, उसके खातिर सदियां रोई अखबार...
जब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूरा करते दे जब मैं बोल भी नहीं पाता था.. सिर्फ़ मेरे इशारों से मैंने उन्हें हर ख्वाहिश पूर...
मुहब्बत जताने के दिन आ रहे हैं गज़ल गुनगुनाने के दिन आ रहे हैं। मुहब्बत जताने के दिन आ रहे हैं गज़ल गुनगुनाने के दिन आ रहे हैं।
तुझे देख कर आज मन सोचे दूर दूर है तुमसे हर सपना तू अंखियों का नूर है। तुझे देख कर आज मन सोचे दूर दूर है तुमसे हर सपना तू अंखियों का नूर है।
ऐसा लगा था या पहना हुआ मुखौटा था कह नहीं सकती ऐसा लगा था या पहना हुआ मुखौटा था कह नहीं सकती
अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्रियां ? अपने सतीत्व के लिए अग्नि परीक्षा देती हैं। न जाने कैसी होती हैं ये स्त्र...
रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी पीठ थपथपाया रावण को देखा, फिर शीश झुकाया उसने बड़े प्यार से मुझे उठाया गले लगाया, मेरी ...
मैं मन के द्वारे बैठी मैं तन के सिर्फ साथ रहती! मैं मन के द्वारे बैठी मैं तन के सिर्फ साथ रहती!
बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है? बस खाना - डरना और जनना, इतने में ही, इंसान क्यों पड़ा है?
जिंदगी एक आईना है टूटने से बिखर जाता है! जिंदगी एक आईना है टूटने से बिखर जाता है!
दुर्गंध युक्त स्वार्थ में सिमटकर, मिलन ना तुमसे कर पाऊँगा।। दुर्गंध युक्त स्वार्थ में सिमटकर, मिलन ना तुमसे कर पाऊँगा।।
तेरा बुत बनू और बंद रहूँ मंदिर के तालों में, तेरा बुत बनू और बंद रहूँ मंदिर के तालों में,
दो हजार बीस का साल, फिर कभी ना मिले कोई दौबारा ऐसा साल ! दो हजार बीस का साल, फिर कभी ना मिले कोई दौबारा ऐसा साल !
कुछ तुम कहो कुछ हम कहें ग़म की कहानी बना लें। कुछ तुम कहो कुछ हम कहें ग़म की कहानी बना लें।
प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार। प्रभु मूरत देख कर देवता अयोध्या में रहे, ये करें विचार।
जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया । जीवन बदल दिया । शब्द नाद ने ब्रह्मांड को गुंजित कर दिया ।
भटक गए रास्ते दोनों के मग़र लगता है मंजिल पर ही मुलाकात होगी। भटक गए रास्ते दोनों के मग़र लगता है मंजिल पर ही मुलाकात होगी।
जिस से मन मिले उसे सहेज, जो न मिले तो कर परहेज़। जिस से मन मिले उसे सहेज, जो न मिले तो कर परहेज़।