STORYMIRROR

🤩ऋचा lyrics

Abstract Classics Inspirational

4  

🤩ऋचा lyrics

Abstract Classics Inspirational

ओ वुमनिया

ओ वुमनिया

1 min
212

सभी को खुश रखती हो तुम

थोड़ा खुद का खयाल भी रख लो।


दिन रात काम करती हो तुम

थोड़ा आराम भी कर लो।


सबकी पसंद को लेकर खाना बनाती हो

थोड़ा तुम्हारी पसंद का भी बना लो।


सबके मुँह पर मुस्कान लाने केलिए तड़पती हो

जरा अपनी मुस्कान भी सजा लो।


सभी के पसंद के गाने तुम्हे पता है

जरा तुम भी गुनगुनाया करो।


अरे बहू, भाभी, पत्नी, माँ हो तुम तो क्या हुआ

जरा खुद बच्ची के तरह जिलो।


विषय का मूल्यांकन करें
लॉग इन

Similar hindi poem from Abstract